Newsalert9 (कुशीनगर)
बाबा की रिपोर्ट —
मंगलवार देर रात दिल्ली एम्स में प्रसिद्ध गायिका शारदा सिन्हा ने अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु से यूपी-बिहार ही नहीं, पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। 72 वर्ष की उम्र में उनका जाना एक बड़े सदमे से कम नहीं है।
शारदा सिन्हा मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित थीं, जो कैंसर का एक प्रकार है। 2017 से वह इस बीमारी से जूझ रही थीं। उनके बेटे अंशुमान सिन्हा ने बताया कि उनकी मां ने अपनी बीमारी को सार्वजनिक नहीं किया था।
शारदा सिन्हा की आवाज दिवाली से छठ महापर्व तक हर घर, गली और छठ घाटों पर गूंजती रहती थी। उनकी मृत्यु से संगीत जगत में एक बड़ी क्षति हुई है।
मल्टीपल मायलोमा के बारे में:
टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बीपी सिंह के अनुसार, मल्टीपल मायलोमा कैंसर का एक प्रकार है जो हड्डियों, गुर्दे और रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इसका पूरी तरह से इलाज नहीं हो सकता, लेकिन इसकी स्थितियों और लक्षणों का इलाज किया जा सकता है।
बाबा की रिपोर्ट–










