भाजपा में इस बार नहीं चलेगी मनमानी: संगठनात्मक चुनाव की रूपरेखा तैयार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Newsalert9

बाबा की रिपोर्ट—

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सांसदों और विधायकों के मनपसंद लोगों को जिला या मंडल अध्यक्ष की कुर्सी नहीं दी जाएगी।

करीब 10 साल बाद लोकतांत्रिक तरीके से प्रदेश से लेकर बूथ तक की कार्यसमिति गठन का प्रयास है। इसलिए पूरी कोशिश है कि बैकडोर के बजाय पार्टी के मूल काडर वाले कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाए।

चुनाव की रूपरेखा

राष्ट्रीय महामंत्री व यूपी के संगठनात्मक चुनाव के पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की उपस्थिति में सोमवार को भाजपा मुख्यालय में हुई कार्यशाला में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इस मौके पर मंडल व जिलाध्यक्षों के चुनाव के लिए 36 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया गया है। इन्हीं की देखरेख में चुनाव होगा। कार्यशाला में 1918 मंडल और 98 जिलों के संगठनात्मक चुनाव को लेकर रोडमैप तैयार किया गया। प्रत्येक तीन जिलों पर एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है।

चुनाव की समय सीमा

बैठक में तय हुआ कि सभी बूथ कमेटियों का गठन 5 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए। चुनाव अधिकारियों और सह चुनाव अधिकारियों को लक्ष्य दिया गया कि बूथ कमेटियां गठित होने के बाद तुरंत बाद मंडल अध्यक्षों के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू करें। सभी मंडल अध्यक्षों का चयन 15 दिसंबर और जिला अध्यक्षों का चुनाव 30 दिसंबर तक करा लिया जाएगा।किसी भी अध्यक्ष को तिसरा मौका नहीं दिया जाएगा।

निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव का संकल्प

बैठक में यह भी तय हुआ कि संगठन में सभी वर्गों के साथ ही महिलाओं और युवाओं को तरजीह दी जाए। पर्यवेक्षकों से कहा गया है कि वे अपने-अपने मंडल व जिलों में पूर्व व मौजूदा सांसदों, विधायकों, पूर्व जिलाध्यक्षों समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी विचार-विमर्श करने के बाद ही अध्यक्षों का चुनाव कराएंगे।

बाबा की रिपोर्ट —

News Alert 9
Author: News Alert 9

और पढ़ें

Buzz4 Ai
error: Content is protected !!