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बाबा की रिपोर्ट —
केरल राज्य में स्थित पवितेश्वर मंदिर एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है, जो मामा शकुनि को समर्पित है। यह मंदिर केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित है और यहाँ के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।
मामा शकुनि की कथा महाभारत से जुड़ी हुई है, जिसमें उन्हें एक महत्वपूर्ण पात्र के रूप में चित्रित किया गया है। मामा शकुनि का जन्म गांधार राज्य में हुआ था और वे महाराज सुबल के पुत्र थे। उन्होंने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं, जिनमें से एक थी कौरवों के पक्ष में महाभारत के युद्ध में भाग लेना।

पवितेश्वर मंदिर मामा शकुनि को समर्पित है और यहाँ उनकी पूजा की जाती है। मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था और यहाँ के मुख्य देवता शिव हैं। मंदिर के गर्भगृह में मामा शकुनि की मूर्ति स्थापित है, जो उनकी महत्ता को दर्शाती है।
बताया जाता है कि युद्ध समाप्त होने के बाद शकुनि को बड़ा पश्चाताप हुआ ,और उन्होंने भगवान शिव की तपस्या की। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उनसे वरदान मांगने को कहा ,इसपर शकुनि ने युद्ध में मारे गये सभी सैनिकों की मुक्ति मांगी ,और भगवान भोलेनाथ के स्वीकार कर ,तथास्तु कहा ।भगवान ने कहा की उनके भक्तों की रक्षा करेंगे।
मंदिर के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह है कि यहाँ के पुजारी मामा शकुनि के वंशज हैं और वे उनकी पूजा के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं। मंदिर में कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें से एक है मामा शकुनि का जन्मोत्सव, जो हर साल मनाया जाता है।
मंदिर की दीवारों पर महाभारत के कई दृश्य चित्रित किए गए हैं, जो मामा शकुनि की कथा को दर्शाते हैं।
मंदिर के आसपास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनमें से एक है पवितेश्वर नदी, जो मंदिर के पास से होकर बहती है। नदी के किनारे कई महत्वपूर्ण मंदिर और तीर्थ स्थल हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
मंदिर की महत्ता को देखते हुए, यहाँ के लोगों ने मामा शकुनि की कथा को संजो कर रखा है और उनकी पूजा के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं।
बाबा की रिपोर्ट —










