Newsalert9 (कुशीनगर )
बाबा की रिपोर्ट—-+

कुशीनगर के खडडा स्थित सरस्वती देवी महाविद्यालय में नेहरू युवा केंद्र कुशीनगर द्वारा ‘नशीली दवाओं की लत और मादक तत्वों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव’ पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने नशीली दवाओं और मद्य के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और युवाओं को जागरूक किया गया , एवं नशे से दूर रहने व समाज में इसके लिए जागरूकता तबढ़ाने का संकल्प दिलाई गयी।
विभा सिंह —–
मुख्य वक्ता विभा सिंह ने कहा, “नशा से मुक्ति के लिए दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति पर्याप्त है। नशीली दवाएं और मद्य हमारे शरीर और मन को नुकसान पहुंचाते हैं। ये हमारी सेहत, संबंधों और भविष्य को भी प्रभावित करते हैं।”
दीपक मिश्र —–

प्राचार्य दीपक मिश्र ने ‘कफन’ कहानी के माध्यम से नशा के दुष्प्रभावों को दर्शाया। उन्होंने कहा, “नशा और मद्य सेवन से व्यक्ति की संवेदनशीलता खत्म हो जाती है। वह अपने परिवार और समाज के प्रति उदासीन हो जाता है।”
सचिन कुमार—-
जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार ने कहा, “नशा व्यक्ति की सामाजिक हैसियत को भी छीन लेता है। यह हमारे समाज को भी प्रभावित करता है। हमें नशीली दवाओं और मद्य के सेवन के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपने परिवार और मित्रों को भी जागरूक करना चाहिए।”

सुनील मिश्र —-
कला संकायाध्यक्ष सुनील मिश्र ने कहा, “नशा मुक्ति के लिए हमें अपने घर, परिवार और मोहल्ले से शुरुआत करनी चाहिए। हमें अपने बच्चों और युवाओं को नशीली दवाओं और मद्य के दुष्प्रभावों के बारे में बताना चाहिए और उन्हें जागरूक करना चाहिए।”

उपस्थित एवं संचालन —
संगोष्ठी में बबिता जायसवाल, नवीन मिश्र, राकेश गोंड, उपेश राव सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आशुतोष त्रिपाठी ने संगोष्ठी का संचालन किया।
नशा के दुष्प्रभाव—-
- शारीरिक नुकसान
- मानसिक नुकसान
- संबंधों में खराबी
- भविष्य की आशाओं का नाश
- सामाजिक हैसियत की हानि
- आर्थिक नुकसान
नशा से छुटकारा के लिए—
- दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति
- जागरूकता और शिक्षा
- परिवार और मित्रों का समर्थन
- समाजिक जागरूकता
बाबा की रिपोर्ट—–










