Newsalert9 (कुशीनगर)
बाबा की रिपोर्ट —
कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराएं और निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित करें।
कुशीनगर के जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि उर्वरक विक्रेताओं को किसानों की जोत बही के अनुसार और बोई जाने वाली फसलों के अनुसार उर्वरकों का विवरण देना होगा। इसके अलावा, विक्रेताओं को क्रेता किसानों का मोबाइल नंबर और भूमि का विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अनुसार, उर्वरक विक्रेताओं को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना होगा:
1. उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दर पर करना होगा।
2. किसानों को उर्वरकों का विवरण उनकी जोत बही के अनुसार देना होगा।
3. क्रेता किसानों का मोबाइल नंबर और भूमि का विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
4. उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच करना होगा।
अन्यथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें शामिल हैं:
1. विक्रेता की लाइसेंस रद्द करना।
2. जुर्माना लगाना।
3. अन्य कानूनी कार्रवाई।
जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और किसानों को उचित सेवाएं प्रदान करें।










