Newsalert9 (कुशीनगर)
बाबा
बिहार के बोधगया में तथागत बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, लेकिन आज यह महाविहार ब्राह्मण पंडों के कब्जे में है। इसे मुक्त कराने के लिए भारतीय बौद्ध सभा ने तहसील पर जोरदार प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार खडडा को सौंपा।
ज्ञापन में बौद्ध समाज ने BT ACT 1949 को रद्द कर महाविहार का पूरा प्रबंधन बौद्ध समाज को सौंपने की मांग की। वर्तमान में यहां प्रबंधन में ब्राह्मण और बौद्ध दोनों हैं।
बौद्ध महासभा के सुभाष गौतम ने कहा कि बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 (BT Act 1949) पूर्ण रूप से असंवैधानिक है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर का प्रबंधन पूरी तरह से बौद्ध समुदाय को सौंपा जाए।
पूर्व विधायक दीपलाल भारती ने कहा कि महाबोध महाविहार टेंपल विश्व धरोहर के रूप में भारत का गौरव है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त कर विश्व शांति समता करुणा और मैत्री का संदेश दिया।
इस दौरान छट्ठू निराला, रोशनलाल भारती, श्रीकांत प्रसाद, खजांची प्रसाद, खदेरू गौतम, शंभू गौतम, कैलाश भारती, रमाशंकर, विजय भारती, नरसिंह गौतम, पारस प्रसाद, घनश्याम, दिपिल भारती, शैलेश प्रसाद, उमेश प्रसाद, बिंदेश्वरी, भगवंत बौद्ध, दिनेश गौतम, संदीप कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और अपना समर्थन दिया।
बाबा की रिपोर्ट —










