Newsalert9 (कुशीनगर)
बाबा की रिपोर्ट
असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना 18 से 40 आयु के असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है, जिनमें गृह आधारित कर्मकार, गली में फेरी लगाने वाले, मध्याहन भोजन कर्मकार, सिर पर बोझा उठाने वाले, ईंट भट्ठा कर्मकार, मोची, कूडा बीनने वाले, घरेलू कर्मकार, धोबी, रिक्शा चालक, ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक, आन अकाउट कर्मकार, कृषि कर्मकार, सन्निर्माण कर्मकार, बीडी कर्मकार, हथकरघा कर्मकार, चमङा कर्मकार, दृश्य श्रव्य कर्मकार, और अन्य व्यवसायों में कार्य कर रहे कर्मकार शामिल हैं।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने अवगत कराया है कि इस योजना के तहत, पंजीकृत लाभार्थियों को 60 वर्ष आयु पूर्ण करने पर 3000 रुपये की सुनिश्चित न्यूनतम मासिक पेंशन का प्रावधान है। पंजीकरण हेतु लाभार्थी का मोबाइल नम्बर, ई-श्रम कार्ड, आधार कार्ड, और बैंक पासबुक आवश्यक है। इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण जनसेवा केन्द्रों व सेल्फ इनरोलमेन्ट (लाभार्थी द्वारा स्वयं) किया जा सकता है।
इस वित्तीय वर्ष में, इस योजना में 500 पंजीकरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष अबतक 286 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना से आच्छादित किया जा चुका है। पात्र असंगठित कामगार बंधुओं से अपील है कि वे प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीकरण करा कर वृद्धावस्था पेंशन का लाभ उठायें।
इस सम्बंध में जानकारी हेतु कार्यालय सहायक श्रम आयुक्त/श्रम प्रवर्तन अधिकारी पडरौना कुशीनगर में सम्पर्क किया जा सकता है। यह योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे वे अपने वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
बाबा की रिपोर्ट —










