वीर बाल दिवस: धर्म और मानवता का प्रतीक

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Newsalert9 (कुशीनगर)

बाबा की रिपोर्ट —
वीर बाल दिवस का यह दिन सिक्ख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के दो पुत्रों के शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने धर्म और मानवता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। यह दिन हमें उनकी वीरता और बलिदान की याद दिलाता है और हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपने देश और समाज के लिए कुछ करें।

उक्त बातें राष्ट्रीय इन्टरमीडिएट कालेज भुजवली प्रमुख के प्रधानाचार्य डाक्टर देवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने स्कूल प्रांगण में बच्चों को सम्बोधित करते हुए कही।

उन्होंने आगे कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि देश के लिए हर भारतीय ने पंथ एवं धर्म से उपर उठकर मां भारती के सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। हमें भी अपने देश और समाज के लिए कुछ करना चाहिए और उनकी वीरता और बलिदान को याद रखना चाहिए।वीर बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारे देश के लिए कितने लोगों ने अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया ।

बच्चों को प्रधानमंत्री का सम्बोधन भी सुनाया गया, जिसमें उन्होंने वीर बाल दिवस के महत्व और इसके पीछे के इतिहास के बारे में बताया।

इस अवसर पर विद्यालय के रामस्वरूप पांडेय, एन एस एस के कार्यक्रम अधिकारी संजय पाण्डेय, निर्भय मिश्र, अभिषेक पाण्डेय, राहुल कुमार, उत्तम जी, दीपिका सिंह, पल्लवी मिश्रा, सत्येन्द्र मिश्र, आशीष सिंह आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

बाबा की रिपोर्ट —

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Author: News Alert 9

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