सरकारी सिस्टम ने बुजुर्ग को कागज में मार डाला।।
Newsalert9
कुशीनगर
उम्र के अंतिम पड़ाव मे ,भगवान की भक्ति करने ,घर पर आराम करने की जगह ,तेज धूप ,बारिश मे हाथों मे प्रार्थना लेकर सरकारी दफ्तरो के चक्कर काट रहे बुजुर्ग अधिकारियों को यह विश्वास दिला रहे हैं कि सरकार हम अभी जिन्दा हैं।
सरकारी सिस्टम के अजब गजब खेल का हैरान कर देने वाला मामला खडडा विकास खंड के ग्राम पंचायत सोहरौना का है। गाँव के रहने वाले 69 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश गाँव में एक फूस के कच्चे घर मे रहते हैं,उन्हें सरकार द्वारा वृद्धा अवस्था पेंशन मिलती थी जिसके सहारे जैसे तैसे जिन्दगी काट रहे थे।अचानक कुछ महीने से पेंशन मिलनी बंद हो गयी ,तो जगदीश परेशान हो गये,कइ लोगों कहा मदद मांगी परंतु कोई हल नहीं निकला। गाँव के एक युवक की मदद से जब रिकॉर्ड निकाला गया तो पता चला कि जगदीश तो मर चुके हैं। यह सुनते ही बुजुर्ग के आंखो के सामने अंधेरा छा गया कि भला ऐसा कैसे हो सकता है मेरे जिन्दा रहते मौत कैसे हो सकती है।
सचिव साहब की कलम ने जगदीश को मार डाला—
हुआ यूं की गाँव के सेक्रेटरी (सचिव )साहब ने भौतिक सत्यापन करते हुए ,रिपोर्ट लगा दिया कि जगदीश की मृत्यु हो गयी है ,और रिपोर्ट के आधार पर पेंशन आनी बंद हो गयी ।
जीते जी जिन्दा होने की जद्दोजहद–
अब जगदीश साक्षात प्रार्थना पत्र लेकर समाधान दिवस से लेकर व्लाक ,तहसील का चक्कर काटकर गुहार लगा रहे हैं ,साहब हम जिन्दा है ,हमे पेंशन दिला दिजिए,नहीं तो सच मे जान चली जाएगी।अब देखना है कि सरकारी सिस्टम इन्हें कागज में जिवित करता है या इन्हें जीते जी मरा ही रहना पड़ेगा।
क्या कहते हैं बीडीओ खडडा–
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विनीत यादव का कहना है कि जांच की जा रही है ,सेक्रेटरी के रिपोर्ट की भी जांच कर उचित कार्यवाई की जाएगी।लापरवाही व दोषी पाए जाने वाले पर कार्यवाई होगी।।
