काकोरी काण्ड संगठित विद्रोह का प्रतिरुप था: डॉ देवेन्द्र मणि त्रिपाठी

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Newsalert9 (कुशीनगर)

बाबा की रिपोर्ट

कुशीनगर जनपद के प्रतिष्ठित, राष्ट्रीय इन्टरमीडिएट कालेज भुजवली प्रमुख(खडडा)  में काकोरी काण्ड के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में प्रधानाचार्य डॉ देवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि काकोरी काण्ड संगठित विद्रोह का आम जनमानस का वह प्रतिरुप था जिसने पहली बार ब्रिटिश सरकार को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि भारत की आम जनता भी राष्ट्रवाद से ओत-प्रोत हो गई है और इसे ज्यादा दिन तक दबाया नहीं जा सकता।

काकोरी काण्ड का ऐतिहासिक महत्व

डॉ त्रिपाठी ने कहा कि पहली बार ट्रेन को रोककर सरकारी खजाने को लूटा गया था, जिसे काकोरी काण्ड के नाम से जाना जाता है। हालांकि इसमें शामिल 10 प्रमुख लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया और इसी गोरखपुर में रामप्रसाद बिस्मिल जी को फांसी दी गई थी।

देशभक्ति गीत और रैली का आयोजन

इस अवसर पर देशभक्ति गीत और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद 100 फुट लम्बे तिरंगा के साथ रैली निकाली गई। इस अवसर पर एन एस एस के स्वयंसेवकों के साथ-साथ कार्यक्रम अधिकारी संजय पाण्डेय, निर्भय मिश्र, रामस्वरूप पाण्डेय, प्रदीप रावत, राहुल कुमार, मनीष, आशीष सहित सभी शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

बाबा की रिपोर्ट

News Alert 9
Author: News Alert 9

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